
कस्तूरी दिनेश
बन्धुवर,हम तो विपक्ष हैं | हर बात पर सत्ता-पक्ष की ऐसी-तैसी करना हमारा काम है | हमसे समर्थन की आशा करना सांप की केंचुली से तेल निकालना जैसा है ! हमारा काम ही विरोध करना है | अच्छा काम करो तो, बुरा काम करो तो…! इसमें बुरा मानने की क्या बात है ? और मान भी लोगे तो हमारा क्या बिगाड़ लोगे…? हम कुत्ते की दुम हैं, बारह बरस पोंगली में रखोगे, फिर भी सीधी नही कर पावोगे…! इंदिरा जी ने जब पाकिस्तान को युद्ध में हराकर बांग्ला-देश बनवाया तो अटल जी ने उन्हें “दुर्गा” कहकर उनका समर्थन किया ! विपक्ष में रहकर कोई इस प्रकार सत्ता-पक्ष का समर्थन करता है क्या…? यह अच्छी बात नहीं हैं ! परम्परा का पालन होना चाहिए ! विपक्ष का मतलब है, सत्ता–पक्ष यदि सौ प्रतिशत सही है तो भी उसका विरोध…!
वह दिन को दिन कहे तो हमें पुरजोर विरोध करते हुए उसे सीना ठोंक कर रात कहना चाहिए ! कहना ही नहीं चाहिए, पूरी ताकत से सिद्ध भी करना चाहिए | अब आप ही देखिये मट्ठ-बुद्धि सत्ता-पक्ष अक्सर कहता है कि पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठिये भारत में घुसकर आतंक फैलाते हैं ! लो,कर दिया न गधे जैसी बात…? वो हमारे भाई हैं, कुछ साल पहले तक हम साथ-साथ रहते थे | दांत काटी रोटी थी ! अब भारत की सीमा में अंदर घुस गये तो प्रेम-भाव में मेल-मिलाप करने आये होंगे…! अब क्या तुम उनको आतंकी कह दोगे…? अजीब फोद्दिल दिमाग है यार आपका…? एकदम “नेरो माइंडेड”…! हर बात में कहते रहते हो, पकिस्तान का हाथ है,पाकिस्तान का हाथ है..! हाथ दिखाई पड़ता है तो हाथ मिला लिया करो न..! भाई हैं, आखिर छोटी-छोटी बातों को लेकर कब तक झगड़ा और हिंसा करोगे…? क्या गांधी जी ने यही सिखाया…? उन्होंने तो कहा था कि कोई एक गाल पर तमाचा मारे तो दूसरा गाल भी सामने कर दो…! राजनीतिक लाभ के लिए ही गांधी-गांधी की माला फेरोगे कि उनकी सीख पर भी चलोगे …?
अब ये कहते हैं कि पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर हमारे सैनिकों ने मारा…! अब तुम दूसरों के घर में घुसकर फिजूल मारपीट करोगे तो अंतराष्ट्रीय बदनामी नहीं होगी क्या…? वे बेचारे कब से शान्ति-वार्ता कर लो, कर लो कहकर हाथ जोड़े पुकार मचा रहे हैं और तुम घर में घुसकर मारे जा रहे हो…? अच्छी सभ्यता है…! अब बताओ इनका विरोध नहीं करेंगे तो क्या करेंगे …? सत्ता—पक्ष उछल-उछल कर पोंगा बजाते रहता है कि गलवान में हमारे सैनिकों ने चीनियों को मारा…! ठीक है बड़े बहादुर हो तो प्रमाण दिखाओ न भाई ? ऐसे रस्ते चलते थोड़ी मान लेंगे…?
अब आप ही देखिये न, सत्ता-पक्ष रात-दिन हल्ला मचाये रहता है कि विकास पर विकास कर रहे हैं…! हमने बुलेट ट्रेन चलाई, चंद्रयान -३ से चाँद की धरती पर पहुंचे..! स्वदेशी ड्रोन का निर्माण कर रहे हैं, परमाणु बम बना लिया, चीन तक मार करने वाले मिसाइल बना लिए…! अरे मेरे गोबरनन्दन, जरा शांति की भी बात किया करो… ! ये बुद्ध और महावीर जैसे महापुरुषों वाला सत्य-अहिसा का देश है…मुहम्मद गौरी और और तैमूरलंग का नहीं…!तो बन्धुवर,आप ही बताइए,हम विपक्षी अगर सत्ता-पक्ष का हर बात में विरोध करते हैं तो क्या गलत करते हैं..?
