
नेपीडॉ। म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ में 62वां भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम दिवस मनाया गया, जिसमें कई प्रवासियों और अधिकारियों ने भाग लिया।
भारत की प्रमुख क्षमता निर्माण पहल के तहत, म्यांमार आईटीईसी लाभार्थी, नागरिक और रक्षा आईटीईसी पाठ्यक्रमों के पूर्व छात्रों, वरिष्ठ अधिकारियों और म्यांमार में भारतीय समुदाय के सदस्यों सहित 250 से अधिक लोग इस समारोह में एकत्र हुए।
म्यांमार में शुक्रवार को भारतीय राजदूत अभय ठाकुर द्वारा आयोजित इस समारोह में म्यांमार के प्रधानमंत्री न्यो सॉ बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।
इसके अलावा विदेश मंत्री यू थान स्वे, निवेश और विदेशी आर्थिक संबंध मंत्री वाह वाह माउंग, विदेश उप मंत्री यू को को क्याव और विदेश उप मंत्री यू नाइंग मिन क्याव समेत विभिन्न मंत्रालयों और संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।
भारतीय दूतावास ने बताया कि म्यांमार की अमूल्य धार्मिक विरासत के दीर्घकालिक संरक्षण और भारत-म्यांमार के लोगों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), बागान शहर में भूकंप प्रभावित 72 पैगोडा का संरक्षण और जीर्णोद्धार 10 वर्षों में तीन चरणों में कर रहा है।
एएसआई की चार सदस्यीय टीम को लगभग 50 भूकंप प्रभावित पैगोडा सहित संरचनात्मक संरक्षण, रासायनिक संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्यों के दूसरे चरण का काम सौंपा गया था। इस टीम ने सितंबर 2025 में अपना कार्य शुरू कर दिया।
भारतीय दूतावास ने आने वाले वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में म्यांमार के लोगों की सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में अपनी सहायता जारी रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।
