
नई दिल्ली।दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के नवनिर्मित पूर्वी क्षेत्रीय केन्द्र ‘स्वाध्याय भवन’ ताहिरपुर का उद्घाटन केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली की मुख्यमन्त्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली के शिक्षा मन्त्री आशीष सूद व पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी उपस्थिति रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह द्वारा की गई। लगभग 55 करोड़ की लागत से बने, आधा एकड़ में विस्तृत, दो आधारतल, भूतल व सात मंजिला भव्य भवन से युक्त इस केन्द्र के कक्ष शिक्षण के अत्याधुनिक उपकरणों व नवाचार तकनीकी से युक्त हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि धर्मेन्द्र प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि मुक्त शिक्षा विद्यालय का पूर्वी क्षेत्रीय केंद्र केवल एक संस्थान नहीं है, बल्कि अवसर और सशक्तिकरण का द्वार है। ‘अर्जित करो और सीखो’ पहल में हमारे मुक्त शिक्षा विद्यालय (SOL) की महत्वपूर्ण भूमिका है, जहाँ हम अपने युवाओं को विकसित भारत के लिए आवश्यक कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से सशक्त कर रहे हैं। शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विभिन्न भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान कर सकती है और देश भर के छात्रों को सशक्त बना सकती है। मुझे विश्वास है कि AI प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, और SOL इस विजन को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह दिल्ली के कार्यबल को और अधिक दक्ष और उत्पादक बनाने के लिए एक केंद्रीय केंद्र बन सकता है”।
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि स्वाध्याय भवन में उपलब्ध सुविधाएं इस बात का प्रमाण है कि एसओएल अपने विद्यार्थियों को नियमित कॉलेजों के समकक्ष उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी छात्र में ऊर्जा और दृढ़ संकल्प है, तो एसओएल यह सुनिश्चित करता है कि उसे सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों। हम पश्चिमी और दक्षिणी परिसरों को और अधिक सुदृढ़ और विकसित करने के लिए भी अतिरिक्त सहयोग प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि अगर कोई 4 क्रेडिट का कोर्स है उसके लिए 10-10 मिनट के छोटे वीडियो बनाए जाएं, ग्राफिक्स और एनीमेशन उसमें इस्तेमाल किए जाएं। कुलपति ने कहा कि अब एसओएल को बदलाव की जरूरत है ताकि सेल्फ लर्निंग मटेरियल इंटरेस्टिंग बन सके। कुछ छोटे-छोटे स्किल बेस्ड कोर्सेज भी बनाने की आवश्यकता है। एसओएल इस मामले में काफी अच्छा कर भी रहा है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अपने वक्तव्य में कहा कि पूर्वी दिल्ली के नए क्षेत्रीय केंद्र का उद्घाटन केवल एक बुनियादी ढांचे की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह अवसरों का द्वार है, जो सुनिश्चित करता है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच में दूरी अब कभी बाधा नहीं बनेगी। यह केंद्र युवाओं को कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व से सशक्त करेगा और भविष्य के नवोन्मेषकों तथा राष्ट्रनिर्माताओं के लिए एक सच्ची कर्मभूमि बनेगा।। सांसद मनोज तिवारी ने भी अपने भाषण में कहा कि इस नए भवन का उद्घाटन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन को साकार करती है, जहाँ वास्तविक विकास तभी संभव है जब प्रत्येक बच्चे को सीखने का अवसर मिले।
भवन के सभागार में उद्घाटन के प्रारम्भ में सीओएल की निदेशिका प्रो. पायल मागो ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले समय में स्कूल ऑफ़ ओपन लर्निंग जिस प्रकार की प्रगति के सपने देख रहा है, वे हमें साकार होते नजर आ रहे हैं। एसओएल का संकल्प उच्च शिक्षा को जरूरतमंद छात्रों के घर तक पहुंचाना है। यह स्वाध्याय भवन उन छात्रों के लिए समर्पित है जो किसी वजह से महाविद्यालयों में नियमित विद्यार्थी के रूप में नहीं पढ़ पाते। हमारे पूर्व छात्र प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, आईएएस अधिकारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अर्जुन पुरस्कार विजेताओं के रूप में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।”। तत्पश्चात उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया।
समारोह का शुभारंभ भवन की द्वारशिला और ज्ञान की अधिष्ठात्री माँ सरस्वती की प्रतिमा के अनावरण के साथ हुआ, साथ में सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन भी किया गया। मुख्य अतिथियों व अन्य गणमान्य जनों ने नवनिर्मित स्वाध्याय भवन के परिसर का विस्तृत अवलोकन किया। इस कार्यक्रम में शिक्षा की दृष्टि से स्वाध्याय भवन के उद्देश्य व मूल संरचना, शैक्षणिक मूल्यों व उन्नत शैक्षणिक वातावरण को दर्शाने वाला वीडियो दिखाया गया। इस उद्घाटन कार्यक्रम का विधिवत समापन एसओएल के प्राचार्य प्रो. अजय जायसवाल के द्वारा धन्यवाद कथन व सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों व आयोजकों के प्रति हार्दिक आभार प्रकट किया। जिसके बाद सभी अतिथियों ने साथ-साथ जलपान ग्रहण किया।
