ड्रोन देखे जाने के चार घंटे बाद कोपेनहेगन हवाई अड्डे का परिचालन शुरू

asiakhabar.com | September 23, 2025 | 5:42 pm IST
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कोपेनहेगन। डेनमार्क के कोपेनहगन हवाई अड्डे के पास के क्षेत्र में बड़े ड्रोनों के दिखाई देने के बाद एयरपोर्ट को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया। पुलिस और हवाई अड्डे के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएफी को बताया कि एयरपोर्ट पर उड़ानों के पास 2-3 अज्ञात बड़े ड्रोन देखे गए, जिसके कारण लगभग 15 उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा। हवाई अड्डे की प्रवक्ता लिज एगरली कुर्स्टीन ने बताया कि एयरपोर्ट के ऊपर के हवाई क्षेत्र को स्थानीय समयानुसार रात 8:30 बजे बंद किया गया। उन्होंने कहा कि कोई भी विमान न तो उड़ान भर सकता है और न ही उतर सकता है। इस बीच नॉर्वे के ओस्लो हवाई अड्डे के ऊपर भी ड्रोन नजर आए हैं, जिसके बाद अधिकारियों ने आधी रात को इसे बंद करते हुए उड़ानों का संचालन रोक दिया।
आगे-पीछे उड़ रहे थे ड्रोन
कोपेनहेगन पुलिस ने कहा कि हवाई अड्डे के ऊपर तीन या चार बड़े ड्रोन उड़ते देखे गए। ड्यूटी ऑफिसर एनेट ओस्टेनफेल्ड ने रात 10:45 बजे बताया कि वे अभी भी आगे-पीछे उड़ रहे हैं। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि स्थिति के सुलझने तक हवाई अड्डा बंद रहेगा। हालांकि, रॉयटर्स ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि लगभग 4 घंटे बाद एयरपोर्ट को फिर से खोल दिया गया है और उड़ानें शुरू की गई हैं। हवाई अड्डे की प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ड्रोन की पहचान करने के लिए काम कर रही है, लेकिन चल रही जांच का हवाला देते हुए अधिक जानकारी से इनकार कर दिया। ड्यूटी अफसर ओस्टेनफेल्ड ने यह पुष्टि नहीं की कि ड्रोन सैन्य थे या नागरिक, लेकिन उन्होंने कहा कि वे एक निजी व्यक्ति के रूप में खरीदे जा सकने वाले ड्रोन से बड़े हैं।
यूरोप में साइबर हमले से उड़ानें प्रभावित
इस बीच एक बड़े साइबर हमले के बाद यूरोप के प्रमुख हवाई अड्डों पर चौथे दिन भी मुश्किल जारी रही। पिछले शुक्रवार को हैकर्स ने चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम सेवा देने वाली कोलिन्स एयरोस्पेस को निशाना बनाया था, जिससे यूरोप के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों हीथ्रो, बर्लिन और ब्रसेल्स पर परिचालन बाधित हुआ था। यूरोपीय संघ की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने सोमवार को कहा कि रैंसमवेयर हमले के कारण व्यवधान उत्पन्न हुआ है। संस्था की प्रवक्ता लॉरा ह्यूविंग ने सोमवार को एक इंटरव्यू में कहा कि अभी तक उनके पास घटना के बारे में अधिक जानकारी नहीं है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि इसके पीछे कौन था।


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