यूएन मंच पर पाकिस्तान की असलियत की जाए उजागर’, शफी बुरफात का वैश्विक नेताओं को पत्र

asiakhabar.com | September 23, 2025 | 5:44 pm IST

बर्लिन। जेय सिंध मुत्तहिदा महाज (जेएसएमएम) के अध्यक्ष शफी बुरफात ने वैश्विक समुदाय को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह पिछले कई दशकों से वहां की स्थानीय जातियों और समुदायों (सिंधी, पश्तून, बलूच, सराईकी और ब्राहुई) के साथ अन्याय कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इन समुदायों को धार्मिक एकता के नाम पर दबाता है, हाशिए पर डालता है और उनके राजनीतिक अधिकारों को कुचलता रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र में हिस्सा लेने वाले वैश्विक नेताओं को बुरफात ने पत्र में लिखा, “जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और अन्य प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में भाग लेने जा रहे हैं, तो दुनिया को पाकिस्तान की सच्चाई पर सवाल उठाना चाहिए। यह देश धर्म के नाम पर धोखे और हेरफेर से अपने ऐतिहासिक समुदायों को दबाकर बनाया गया है।”
उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील की कि पाकिस्तान को ‘ऐतिहासिक निवासियों के अधिकारों, संस्कृति और अस्तित्व के लिए खतरा’ माना जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना जवाबदेही के पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जगह देना दमन, शोषण और आतंक पर आधारित व्यवस्था को वैधता देना है। उन्होंने यूएन महासभा के नेताओं और सदस्य देशों से अंतरराष्ट्रीय न्याय, मानवाधिकार और राष्ट्रों के बीच समानता के सिद्धांतों का पालन करने को कहा। इसके साथ ही, उत्पीड़ित राष्ट्रों की स्वतंत्रता और आत्मनिर्णय की जायज लड़ाई का समर्थन करने की मांग की।
जेएसएमएम नेता ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को उसके अपराधों चरमपंथी आतंकवादियों को समर्थन, प्रशिक्षण और राज्य नीति के तहत क्षेत्र में तैनाती के कारण किसी भी विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलने से रोक दिया जाना चाहिए।


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