
बीजिंग। चीन ने कहा है कि वह अब विश्व व्यापार संगठन के समझौतों में विकासशील देशों को दिए जाने वाले विशेष सुविधा की मांग नहीं करेगा। यह एक ऐसा बदलाव है जिसकी मांग अमेरिका लंबे समय से कर रहा था।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि यह कदम ऐसे समय में वैश्विक व्यापार प्रणाली को बढ़ावा देने का प्रयास है, जब यह शुल्क युद्धों और अलग-अलग देशों द्वारा आयात को प्रतिबंधित करने के संरक्षणवादी कदमों से खतरे में है।
उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका का नाम नहीं लिया और न ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस वर्ष चीन सहित कई अन्य देशों पर शुल्क लगाए जाने का उल्लेख किया।
अमेरिका लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि चीन को विकासशील देश का दर्जा छोड़ देना चाहिए क्योंकि वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि चीन एक मध्यम आय वाला देश है और यह विकासशील दुनिया का हिस्सा बना हुआ है। हालांकि, यह तेजी से अन्य देशों के लिए ऋण और तकनीकी सहायता का स्रोत बन गया है जो सड़क, रेलवे, बांध तथा अन्य प्रमुख परियोजनाओं का निर्माण करना चाहते हैं। इन्हे अक्सर चीनी राज्य के स्वामित्व वाली प्रमुख कंपनियों द्वारा किया जाता है।
