
दुबई। सऊदी अरब के मुफ्ती ए आजम शेख अब्दुलअजीज बिन अब्दुल्ला अल-शेख का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने 25 साल से भी अधिक समय तक देश के शीर्ष धार्मिक नेता के रूप में सेवा दी और इस दौरान इस अति-रूढ़िवादी मुस्लिम राष्ट्र का सामाजिक उदारीकरण हुआ।
मुफ्ती ए आजम के रूप में 80 वर्षीय शेख अब्दुलअजीज की भूमिका ने उन्हें सुन्नी मुसलमानों की दुनिया में शीर्ष इस्लामी धर्मगुरुओं में से एक बना दिया।
मक्का और मदीना जैसे शहरों के देश सऊदी अरब में हर साल अनिवार्य वार्षिक हज यात्रा का आयोजन होता है, जो सभी स्वस्थ मुसलमानों के लिए जीवन में एक बार करना अनिवार्य होता है। इसमें मुफ्ती ए आजम की घोषणाओं का पालन और भी बारीकी से होता है।
शेख अब्दुलअजीज का अल सऊद शासक परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध था, जिसने महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति दी, सिनेमाघर खोले और हाल के वर्षों में सामाजिक उदारीकरण को और आगे बढ़ाया। शेख अब्दुलअजीज ने इस्लामिक स्टेट समूह और अल-कायदा जैसे चरमपंथियों की निंदा की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अब्दुलअजीज के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘सऊदी अरब के मुफ्ती ए आजम, महामहिम शेख अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद अल अलशेख के निधन पर गहरी संवेदना। इस दुख की घड़ी में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं सऊदी अरब और वहां के लोगों के साथ हैं।’’
