ट्रंप प्रशासन ने एजेंसियों को बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी करने को कहा

asiakhabar.com | September 25, 2025 | 5:51 pm IST

वॉशिंगटन। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के बजट कार्यालय ने संघीय एजेंसियों को बड़े पैमाने संभावित छंटनी की योजनाएं तैयार करने को कहा है।
सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि यह कदम पिछली सरकारों के लागू किए गए शटडाउन प्रबंधन तरीकों से बिल्कुल अलग है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट्स के बीच चल रहे धन आवंटन विवाद के बीच एक बड़ा दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। बजट कार्यालय के मेमो में लिखा गया है, “हम आशा करते हैं कि कांग्रेस के डेमोक्रेट्स शटडाउन को मजबूर नहीं करेंगे और ऊपर बताए गए कदम आवश्यक नहीं होंगे।”
संसदीय डेमोक्रेट्स सरकारी फंडिंग को नवंबर तक जारी रखने के बदले कई रियायतें चाहते हैं। इनमें सबसे अहम मांग है कि अफोर्डेबल केयर एक्ट (ओबामाकेयर) की सब्सिडी को बढ़ाया जाए, जो इस साल के अंत में खत्म होने वाली है। ट्रम्प प्रशासन और रिपब्लिकन “क्लीन” फंडिंग बिल की मांग पर अड़े हुए हैं। इसे देखते हुए श्री ट्रम्प ने इस हफ्ते डेमोक्रेटिक नेताओं के साथ बैठक रद्द कर दी।
सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने इस कदम को “धमकी की राजनीति” बताया। उन्होंने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप पहले दिन से संघीय कर्मचारियों को डराने के लिए उन्हें नौकरी से निकाल रहे हैं, न कि शासन करने के लिए। ये छंटनी अदालत में पलट दी जाएगी या प्रशासन को दोबारा कर्मचारियों को नियुक्त करना पड़ेगा।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह छंटनी विशेष रूप से उन विभागों को प्रभावित कर सकती है जो ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं में नहीं हैं। इनमें पर्यावरण संरक्षण एजेंसी, शिक्षा विभाग,स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग पब्लिक हेल्थ रिसर्च और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों, आव्रजन और शरण सेवाएं, राष्ट्रीय उद्यान सेवाएं शामिल हो सकती है।
यह कदम संघीय वर्कफोर्स को कम करने के ट्रंप प्रशासन के बड़े अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। फरवरी में ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें एजेंसियों से कहा गया था कि वे बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजना बनाएं। इस बार शटडाउन योजनाएं अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक नहीं की हैं। जबकि शटडाउन में एक हफ्ते से भी कम समय बचा है।
पिछले शटडाउन के दौरान भी आवश्यक सेवाएं जैसे – सोशल सिक्योरिटी भुगतान, कानून-व्यवस्था, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और बॉर्डर पेट्रोल चालू रहे थे। लेकिन राष्ट्रीय पार्क और म्यूज़ियम बंद हो गए थे, फूड इंस्पेक्शन रुक गए थे और कई आव्रजन मामले रद्द करने पड़े थे।


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