
प्योंगयांग। डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) ने कनाडा में संपन्न जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान को अपने खिलाफ “छिपा हुआ शत्रुतापूर्ण कृत्य” बताया है। जी7 ने डीपीआरके के हथियार कार्यक्रम की निंदा करते हुए “पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण” की बात कही थी। यह जानकारी शुक्रवार को आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने दी।
विदेश मंत्री चो सोन हुई के हवाले से कहा गया, “बाहरी लोगों के बयानों से डीपीआरके की वर्तमान स्थिति नहीं बदलती है।”
उन्होंने वर्तमान भू-राजनीतिक माहौल को काफी गंभीर बताते हुए कहा कि खतरनाक और शत्रु देशों को रोकने के लिए परमाणु हथियारों का विकल्प तर्कसंगत है।
हुई ने जी7 को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विदेश मंत्री ने आगे कहा, “इस समूह को स्वतंत्र संप्रभु देशों को यह बताने का कोई अधिकार नहीं है कि उन्हें अपनी सुरक्षा कैसे करनी है।”
उन्होंने स्पष्ट रूप से ‘अंतरराष्ट्रीय न्याय’ का उल्लेख किया, जो वैश्विक शांति और संप्रभुता के सिद्धांतों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “डीपीआरके अपने देश और देशवासियों के वर्तमान और उज्जवल भविष्य की गारंटी देने में दृढ़ विश्वास रखता है। हमारी सोच है कि संविधान के प्रति वफादार रहते हुए अंतरराष्ट्रीय न्याय को साकार किया जाए।” उन्होंने परमाणु हथियारों को “व्यक्तित्व के साधन” के रूप में इस्तेमाल करने वाली शक्तियों के खिलाफ इसे आवश्यक बताया।
बयान में आगे कहा गया कि अमेरिकी रक्षा सचिव और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष ने डीपीआरके की दक्षिणी सीमा के पास के क्षेत्र का दौरा किया और इतना ही नहीं “डीपीआरके के प्रति अपनी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने और परमाणु बलों को पारंपरिक बलों के साथ एकीकृत करने की प्रक्रिया को तेजी से बढ़ावा देने” के लिए एक वार्षिक सुरक्षा बैठक भी की।
