
मोनिका डागा
टेसू के फूल लगते हैं बहुत प्यारे,
चटक चमकीले लाल नारंगी न्यारे,
“जंगल की आग” भी ये है कहलाते,
अपनी “आनंद” रंगत देखो बिखराते ।
औषधिय दिव्य गुणों से है भरपूर,
आयुर्वेद का ये खज़ाना है मशहूर,
टेसू की ख़ुशबू भी बहुत प्यारी,
बच्चों की हॅंसी मनमोहक न्यारी
चमचम करती मोती सी दंत पंक्ति,
एकता में हैं प्रगति की गूढ़ युक्ति,
सुयश कीर्ति जगत में बिखराना,
टेसू सा ही तुम हरदम मुस्काना ।
लड़ाई-झगड़ों से रहना सदा दूर,
सलाद फलों का रस लेना भरपूर,
राहों में तुम प्रेम छॉंव बन जाना,
सपनों का अपने फलक छू जाना ।
हिम्मत साहस का बल रखना साथ,
संग-संग बढ़ना लेकर हाथों में हाथ,
तेजस्वी हो ओज अपना बढा़ओं,
कर्तव्यों में समर्पित भाव बसाओं ।
