
नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल’ की हीरक जयंती पर 21 नवंबर, 2025 को भारतीय डाक विभाग ने एक विशेष आवरण और विरूपण जारी किया तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री मा. श्री अमितभाई शाह के कर कमलों द्वारा भुज में इसका विमोचन किया गया।
“सीमा सुरक्षा बल-गौरवपूर्ण सेवा के 60 वर्ष (1965-2025)” विषय पर जारी इस विशेष आवरण में सीमा सुरक्षा बल के थल-जल-नभ में प्रदर्शन को अंकित किया गया है।
1965 के भारत-पाक युद्ध के उपरांत पाकिस्तान से लगी सीमाओं की सुरक्षा के उद्देश्य से 1 दिसंबर 1965 को स्थापित, सीमा सुरक्षा बल ने राष्ट्र की “प्रथम रक्षा पंक्ति” के रूप में देश की सीमाओं की रक्षा तथा आंतरिक सुरक्षा में अद्वितीय योगदान दिया है।
1971 के भारत-पाक युद्ध में सेना के साथ मिलकर युद्ध करने के साथ ही बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सीमा सुरक्षा बल ने, राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपने समर्पण को सदा ही सिद्ध किया है। बल द्वारा पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में वीरता का परिचय दिया गया।
“ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान अदम्य साहस प्रदर्शित करने के लिये बल के बहादुरों को 2 वीर चक्र और 16 वीरता पदकों से सम्मानित किया गया। छह दशकों की इस गौरवपूर्ण यात्रा में सीमा सुरक्षा बल सीमाओं का अडिग प्रहरी बन “जीवन पर्यन्त कर्तव्य” के मूलमंत्र को हर कदम पर सिद्ध करते हुए कर्तव्य पथ पर अग्रसर है।
इस विशेष आवरण में सीमा सुरक्षा बल की गौरवपूर्ण ऐतिहासिकता एवं बहु आयामी कार्य को अंकित किया गया है।
