
लंदन। ब्रिटेन के प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने भारत में अपनी पहुंच का विस्तार करते हुए एक नए शोध केंद्र की शुरुआत और शीर्ष स्तर के स्नातक छात्रों के लिए अतिरिक्त प्रवेश मार्गों की घोषणा की है।
विश्वविद्यालय ने मंगलवार को बताया कि ‘कैम्ब्रिज-इंडिया सेंटर फॉर एडवांस्ड स्ट्डीज’ (सीएएस) नवाचार, शोध और शिक्षण पर केंद्रित होगा तथा ब्रिटेन के अग्रणी विश्वविद्यालय और भारत की तेजी से बढ़ती ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करेगा।
यह नया केंद्र भारत में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की गतिविधियों के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में काम करेगा और बौद्धिक आदान-प्रदान, नीति निर्माण में योगदान और सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देगा।
कैम्ब्रिज की कुलपति डेबोरा प्रेंटिस ने कहा, “कैम्ब्रिज-इंडिया सीएएस भारत के श्रेष्ठ शोधकर्ताओं और नवोन्मेषकों के साथ सहयोग स्थापित करने और इस तेजी से बढ़ती ज्ञान अर्थव्यवस्था के साथ संबंध मजबूत करने का एक रोमांचक अवसर है।”
इस सप्ताह दिल्ली आए वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहीं प्रोफेसर प्रेंटिस ने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय कुछ स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए अतिरिक्त आवश्यकताओं के साथ सीबीएसई की 12वीं कक्षा की योग्यता को मान्यता देगा।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय ने कैम्ब्रिज इंडिया रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना भी की है, जो एक कंपनी के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से आम नागरिक, कैम्ब्रिज के पूर्व छात्र और अन्य हितधारक भारत से कैम्ब्रिज में अध्ययन करने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति, शुल्क और अन्य खर्चों के लिए धन उपलब्ध करा सकेंगे, साथ ही शोध साझेदारियों को भी समर्थन मिलेगा। इसका उद्देश्य भारत के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए छात्रवृत्तियों के नए परोपकारी अवसर तलाशना है।
