
नई दिल्ली। संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जिन क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापित करना व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य नहीं है, वहाँ सरकार डिजिटल भारत निधि के माध्यम से कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर रही है। 4G संतृप्ति योजना के अंतर्गत लगभग 30,000 गाँवों की पहचान की गई है। 21,000 टावर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 17,000 पहले ही पूर्ण किए जा चुके हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में प्रत्येक गाँव में 100% 4G संतृप्ति प्राप्त की जाएगी, जिससे डिजिटल समावेशन का दृष्टिकोण साकार होगा। मंत्री सिंधिया ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल तकनीक भर नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास का एक माध्यम है जो भारत को आत्मनिर्भरता, सशक्तिकरण और वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर कर रहा है।
इससे पहले एक अनुपूरक प्रश्न के उत्तर में ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने सदन को सूचित किया कि BSNL के इतिहास में पहली बार देशभर में सर्किल-वार प्रदर्शन की संरचित आधार पर समीक्षा की जा रही है। जहाँ राज्य मंत्री मासिक समीक्षा करते हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री त्रैमासिक आकलन करते हैं।
डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि परिचालन तथा वित्तीय दोनों मापदंडों की निकटता से निगरानी की जा रही है। केबल फॉल्ट, मरम्मत का औसत समय तथा BTS अपटाइम सहित दस प्रमुख परिचालन संकेतकों की नियमित समीक्षा की जाती है। न्यूनतम 95 प्रतिशत अपटाइम का मानक निर्धारित किया गया है तथा आने वाले महीनों में अधिकांश BSNL सेवाओं में 98–99 प्रतिशत अपटाइम प्राप्त करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने जोड़ा कि सेवा वितरण में सुधार सुनिश्चित करने के लिए सर्किलों को मानव संसाधन या परिचालन संबंधी अंतराल दूर करने हेतु लचीलापन दिया गया है।
डॉ. पेम्मासानी ने यह भी बताया कि कुछ BSNL सर्किलों में सेवा अपटाइम को प्रभावित करने वाली जनशक्ति संबंधी चुनौतियों का सक्रिय रूप से समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहाँ सेवा व्यवधान मानव संसाधन की कमी से जुड़े हैं, वहाँ सर्किलों को आवश्यक कर्मियों का पुनर्समायोजन और तैनाती करने के लिए पूर्ण परिचालन लचीलापन प्रदान किया गया है।
