
नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई सेना के वरिष्ठतम कमांडर्स से बातचीत की है। सेना के मुताबिक यहां सैन्य तैयारियों, ट्रेनिंग के नए तरीकों और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई।
भारत–ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद’ पर खास फोकस रहा। ऐसे में माना जा रहा है 2026 में भारत में होने वाला ‘ऑस्ट्राहिंद’ का अगला संस्करण पहले से ज्यादा व्यापक और प्रभावी होगा। दरअसल भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों में इस हफ्ते एक नया अध्याय जुड़ गया।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों अधिकारी वर्ष 2015 में अमेरिका के आर्मी वॉर कॉलेज के सहपाठी रह चुके हैं। मुलाकात के दौरान दोनों ने संस्थागत सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मुख्यालय में हुई एक अहम बैठक में सेना के आधुनिकीकरण, नई तकनीकों और भविष्य के युद्ध के स्वरूप पर भी चर्चा हुई।
जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलियाई वॉर मेमोरियल में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी। साथ ही ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय रक्षा पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उनसे जुड़ाव को और मजबूत किया। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि सेना प्रमुख की यह यात्रा भारत–ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली साबित हुई है। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा और बढ़ा है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है।
