
नई दिल्ली। सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी, कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में आईआईटी मद्रास नए पाठ्यक्रम लेकर आया है। आईआईटी मद्रास ने उभरती तकनीकों और नीति-निर्माण के क्षेत्र में इन नए पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों की शुरुआत की है।
इन कार्यक्रमों में पब्लिक पॉलिसी में एम.ए भी शामिल है। वहीं छात्र सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स के नए आयाम में अपना करियर बना सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को बहु-विषयक ज्ञान और आधुनिक कौशल से लैस करना है, ताकि वे शासन, उद्योग और तकनीक से जुड़ी जटिल चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर सकें। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटि मुताबिक ये कार्यक्रम देश और उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
पब्लिक पॉलिसी के जरिए आईआईटी मद्रास छात्रों को सरकार और संस्थाओं की नीतियों के बारे में बताता है। यहां बताया जाएगा कि सरकारें कैसे जटिल सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए नीतियां बनाती और लागू करती हैं। इस पाठ्यक्रम में पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, परिवहन और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे विषयों को शामिल किया गया है। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजेश कुमार के अनुसार, यह कार्यक्रम छात्रों में नेतृत्व कौशल विकसित करेगा।
इससे वे सरकार, शोध संस्थानों और निजी क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग फॉर मैकेनिकल सिस्टम्स में एम.टेक कार्यक्रम इंजीनियरों को सिमुलेशन-आधारित नए युग के लिए तैयार करेगा। इसमें मशीन लर्निंग, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और उन्नत संख्यात्मक विधियों का उपयोग करते हुए जटिल यांत्रिक प्रणालियों के डिजाइन और अनुकूलन पर जोर दिया जाएगा। प्रोफेसर सी बालाजी के मुताबिक, यह कार्यक्रम छात्रों को डेटा-आधारित और भौतिकी-आधारित तकनीकों के संयोजन से वास्तविक समस्याओं का समाधान करने में सक्षम बनाएगा।
इन नए कार्यक्रमों के माध्यम से आईआईटी मद्रास बहु-विषयक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य देश की तकनीकी, औद्योगिक तथा नीतिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
