
-सत्यम पांडेय-इसमें तो किसी को कोई संदेह नहीं होगा कि फासीवाद दरअसल पूंजीवादी व्यवस्था का ही एक निकृष्ट और क्रूर रूपहै। लेनिन ने बीसवीं सदी के पहले दूसरे दशक तक के पूंजीवाद का विश्लेषण करते हुए बताया था कि साम्राज्यवादपूंजीवाद की उच्चतम अवस्था है। उनका ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | August 9, 2022 | 5:42 pm IST
