
बेंगलुरु। भारतीय मार्शट आर्ट ‘कलारीपयट्टू’ के तलवार और ढाल भारतीय फिल्मों, खासकर मलयालम फिल्मों के लिए नये नहीं हैं। लेकिन सिनेमा में इनकी झलक बहुत कम ही दिखी है। भारत में सिनेमा में इस कला की सबसे ज्यादा झलक संभवत: संतोष सिवन की फिल्म ‘अशोका’ ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | May 3, 2023 | 5:40 pm IST









