
संजय एम तराणेकर तुम आए तो आया हैं 'मुझे' सब याद, यूंहीं तुमने की थी आने की फरियाद। कस्मे तो तुम ही खाते रहें न आने की, हमने कभी बात नहीं की हैं जाने की। सिहर उठता है 'मन' पिछली यादों से, जोशीलें संवाद, हरकतों ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | February 27, 2026 | 5:03 pm IST





