
-पी. के. खुराना- मेरे पिता जी हरदम कहा करते थे- ‘जिसकी जेब खाली, उसका क्या कर लेगा मवाली?’ गरीब आदमी के पास खोने को कुछ नहीं होता। लोग गरीबी को अभिशाप मानते हैं, पर गरीबी में छुपा हुआ वरदान अगर नज़र आ जाए तो आदमी ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | August 12, 2021 | 5:28 pm IST
