
-प्रभुनाथ शुक्ल- दुनिया में लगता है शांति संभव नहीं है। ग्लोबल स्तर पर युद्ध की अशांति फैली हुई है। बुद्ध का रास्ता कहीं नहीं दिख रहा है। शक्तिशाली स्थितियां निर्बल को कमजोर बना रही हैं। दुनिया की सारी शक्तियां कुछ देशों के साथ सिमट कर ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | August 10, 2021 | 3:50 pm IST
