
शिशिर गुप्ता भारतीय साहित्य प्रेम आख्यानों से भरा पड़ा है। प्रेम होते समय यह नहीं देखता कि स्त्री-पुरुष के बीच कौन-सा पंथ, धर्म, सम्प्रदाय है, प्रेम तो बस हो जाता है। पुरातन से लेकर आधुनिक साहित्य का कोई भी पन्ना उठा लें, यही कहता नजर ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | November 26, 2020 | 5:17 pm IST






