
(अब कश्मीरी नेताओं को जमीनी हकीकत समझने और वर्तमान दौर के साथ व्यवहारिक होने की जरूरत है। उन्हें अब सच और जमीनी हकीकत समझ लेनी चाहिए। अब भारत में उनकी बकवास को कोई सुनने वाला नहीं है। वे चाहें तो कुछ भी कर के देख ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | October 29, 2020 | 4:32 pm IST






