
संयोग गुप्ता अनाड़ी कभी खिलाड़ी नहीँ हो सकता है, लेकिन यह शायद हमारा मिथक है। क्योंकि यह प्रगतिवादी युग है। यहां विधाएं गढ़ी जाती हैं। बस एक लकीर बनाने की ज़रूरत है। सच कहूँ , बदली स्थितियों में हम यह समझ ही नहीँ पाए हैं ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | July 21, 2020 | 4:11 pm IST





