
-डॉ. प्रियंका सौरभ- पितृसत्ता एक सामाजिक व्यवस्था है, जिसमें प्रभुत्व और विशेषाधिकार के पदों पर मुख्य रूप से पुरुषों का वर्चस्व है। यह अनिवार्य रूप से जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे नैतिक अधिकार, सामाजिक विशेषाधिकार, निर्णय लेने, संपत्ति पर नियंत्रण और राजनीतिक नेतृत्व में पुरुष ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | June 29, 2023 | 5:17 pm IST
