
दुनियाभर में 1.1 अरब लोग ऐसे हैं, जो आधिकारिक रूप से हैं ही नहीं। ये लोग बिना किसी पहचान प्रमाण के जिंदगी बिता रहे हैं। इस मुद्दे की वजह से दुनिया की आबादी का एक अच्छा खासा हिस्सा स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं से वंचित है। ...आगे पढ़ें asiakhabar.com | October 22, 2017 | 6:11 pm IST









