
नई दिल्ली।दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय द्वारा ‘अवसर 2026’ के नाम से प्लेसमेंट एवं इंटर्नशिप ड्राइव का सफल आयोजन किया गया। इस जॉब मेले का आयोजन शुक्रवार, 20 मार्च को डीयू के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित मल्टीपर्प्ज हाल में हुआ। ‘अवसर 2026’ के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि पहुंचे डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि ‘अवसर’ में अनेकों युवाओं को अवसर मिलेंगे। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के लिए अति लाभकारी हैं। उन्होंने डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी से इस आयोजन की बारे में जानकारी लेते हुए भविष्य के लिए कई सुझाव भी दिये।
उद्घाटन अवसर पर कुलपति ने अपने संबोधन में शिक्षा जगत और उद्योग के बीच साझेदारी को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया और छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि ‘अवसर 2026’ छात्रों के लिए एक ऐसे प्रवेश द्वार का काम करेगा, जिसके माध्यम से वे आत्मविश्वास और उद्देश्य के साथ अपनी पेशेवर यात्रा शुरू कर सकेंगे। गौरतलब है कि यह आयोजन 2022 से ‘जॉब मेला’ के नाम से सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। इस बार के आयोजन में हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार एवं इंटर्नशिप के अवसरों के प्रति अपनी रुचि दिखाई।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग जगत से जोड़ना और उन्हें बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराना था। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया, इंटरव्यू प्रक्रिया में भाग लिया और कई विद्यार्थियों को ऑन-द-स्पॉट जॉब एवं इंटर्नशिप ऑफर भी प्राप्त हुए। इससे विद्यार्थियों को जहां व्यावसायिक अनुभव प्राप्त हुए वहीं उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय के अनुसार, ‘अवसर’ जैसे आयोजन छात्रों और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं और भविष्य में भी इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे।‘अवसर 2026’ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि दिल्ली विश्वविद्यालय का डीएसडब्ल्यू कार्यालय छात्रों के कैरियर निर्माण और रोजगार सृजन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रंजन त्रिपाठी ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह के दृष्टिकोण के अनुरूप ‘अवसर 2026’ भविष्य की उड़ान भरेगा और विद्यार्थियों को उनके करियर में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए सशक्त बनाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की इस ड्राइव में विभिन्न क्षेत्रों (जिनमें कॉर्पोरेट उद्यम, स्टार्टअप, गैर-लाभकारी संगठन, परामर्श एजेंसियां और अनुसंधान संस्थान शामिल हैं) के 93 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया और सामूहिक रूप से विद्यार्थियों के लिए 2,500 से अधिक नियुक्तियों की पेशकश की। इस कार्यक्रम में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्रामों के 4,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।
प्रो. रंजन त्रिपाठी ने कहा कि डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सभी सदस्यों ने इस कार्यक्रम के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने में अपना अमूल्य सहयोग दिया है। इसके लिए उन्होंने सभी प्रतिभागी संगठनों, संकाय सदस्यों और छात्र स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ज्वाइंट डीन प्रो. हेना सिंह, प्रो. संगीता गादरे, प्रो. अमित वर्धन और प्रो. ए.के. सिंह तथा डिप्टी डीन एम. ख्युथुंगलो हमस्टो, डॉ. चंद्र प्रकाश, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, डॉ. निधि एस. चंद्र, और डॉ. सुरेश गोहे के साथ वीसीआईएस इंटर्न आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
