
डॉ वंदना घनश्याला
माँ जब अपने बच्चों को आशीर्वाद देती है तो उसमें प्रेम और त्याग की भावनाएँ छुपी होती हैं l माँ की दुआ बच्चों के लिए आशीर्वाद स्वरुप ढाल बनकर उसकी हर कठिन स्थिति में मदद करती हैं l माँ का आशीर्वाद बच्चे की हर स्थिति में मदद करता हैl जीवन के अंधेरे को समाप्त करके रोशनी भर देता हैl
इस प्रकार जब हम देवी माँ की आराधना करते हैं और प्रसाद स्वरूप आशीर्वाद ग्रहण करते हैं, तो लगता है स्वयं शक्ति स्वरूपा हमारे जीवन में उतर आई हैl
प्रसाद केवल फल और मिठाई आदि नहीं होता बल्कि माँ की कृपा का रूप होता हैl भक्त लोग जब प्रसाद ग्रहण करते हैं तो उनके मन में अनकही शांति और अद्भुत विश्वास जन्म लेता हैं l यही विश्वास उन्हें हर परिस्थिति में दृढ़ बनाए रखता हैl
माँ का आशीर्वाद और देवी माता का प्रसाद दोनों ही जीवन की अद्भुत पूंजी हैं l
एक सांसारिक जीवन की रक्षा करता है तो दूसरा आत्मिक जीवन को आलोकित करता हैl
माँ की ममता और देवी माँ की
कृपा दोनों को पूर्णता प्रदान करती हैl
यही कारण है कि हम कह सकते हैं कि माँ का आशीर्वाद और देवी माँ का प्रसाद दोनों ही अनमोल धरोहर हैंl जो जीवन को शक्ति, संबल और सुकून से भर देते हैंl
