
आज के समय में मोटापा एक आम समस्या बन चुका है और इसे लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं भी प्रचलित हैं। अक्सर माना जाता है कि वजन बढ़ने का कारण केवल ज्यादा खाना या जंक फूड का सेवन है। लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं जो कम खाने के बावजूद अपना वजन कम नहीं कर पाते। इस विषय पर डॉक्टर मल्हार गणला ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि मोटापे की असली वजह सिर्फ ज्यादा खाना नहीं, बल्कि शरीर की बुनियादी जरूरतों को गलत तरीके से पूरा करना है।
शरीर को कैलोरी नहीं, सही पोषण चाहिए
डॉक्टर गणला के अनुसार, 100 किलो के शरीर में यह ज्यादा मायने नहीं रखता कि आप क्या खा रहे हैं, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि आप क्या नहीं खा रहे हैं। शरीर में पहले से ही डेढ़ से दो लाख कैलोरी फैट के रूप में जमा रहती है, इसलिए ऊर्जा की कमी का डर नहीं होता। असली जरूरत पानी, प्रोटीन और नमक की होती है। जब इन तीनों की कमी हो जाती है या इनके गलत स्रोत चुने जाते हैं, तब वजन कम होने के बजाय बढ़ने लगता है।
क्या है ‘कैलोरी लीकेज’?
डॉक्टर बताते हैं कि कई बार हम शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए गलत विकल्प चुन लेते हैं। जैसे प्यास लगने पर बार-बार चाय या कॉफी पीना। इससे पानी की कमी तो पूरी नहीं होती, बल्कि दूध और चीनी के जरिए अतिरिक्त कैलोरी शरीर में चली जाती है। इसी तरह नमक की कमी पूरी करने के लिए नमकीन या प्रोसेस्ड फूड खाना भी अनचाही कैलोरी बढ़ाता है। इस प्रक्रिया को ‘कैलोरी लीकेज’ कहा जाता है, जो मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है।
प्रोटीन के नाम पर बढ़ता वजन
प्रोटीन शरीर की मरम्मत और मसल्स के लिए जरूरी है, लेकिन इसके स्रोत साफ और हल्के होने चाहिए। दाल मखनी, पनीर बटर मसाला या ज्यादा तेल-मसाले वाले भोजन से प्रोटीन तो मिलता है, लेकिन साथ में भारी मात्रा में फैट और कैलोरी भी शरीर में जाती है। यह ‘कैलोरी लोडिंग’ वजन घटाने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है।
क्या है प्रिसिजन न्यूट्रिशन?
वजन घटाने का मतलब खाना छोड़ना नहीं, बल्कि ‘प्रिसिजन न्यूट्रिशन’ अपनाना है। यानी शरीर को वही देना जिसकी उसे जरूरत है और वह भी साफ स्रोतों से।
पानी के लिए सादा जल
नमक के लिए नींबू पानी या प्राकृतिक स्रोत
प्रोटीन के लिए उबले अंडे, ग्रिल्ड चिकन या सादी दाल
जब शरीर को सटीक पोषण मिलता है, तो वह जमा फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर देता है।
माइंडसेट बदलना जरूरी
मोटापे से लड़ाई केवल डाइटिंग से नहीं, बल्कि सोच बदलने से जीती जा सकती है। अगर शरीर में फैट मौजूद है तो ऊर्जा की चिंता करने की जरूरत नहीं है, बल्कि रोजाना पानी, नमक और प्रोटीन के सही स्रोत लेने पर ध्यान देना चाहिए। हर निवाले को पौष्टिक और साफ बनाने की आदत ही वजन घटाने का असली रास्ता है।
निष्कर्ष:
वजन घटाने के लिए भूखे रहना नहीं, बल्कि शरीर की जरूरतों को सही तरीके से पूरा करना जरूरी है। जंक फूड से दूरी के साथ-साथ ‘क्लीन’ और सटीक पोषण अपनाकर ही मोटापे पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
