
वाशिंगटन/नई दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का किसी भी देश के साथ समझौता करने के लिए पहला विकल्प कूटनीति होता, इसलिए ईरान को अमेरिका के साथ नये समझौते पर बातचीत करना चाहिए।
यह बात व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने गुरुवार (भारतीय समय के अनुसार) कही। उन्होंने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, , “श्री ट्रम्प हमेशा बहुत स्पष्ट रहे हैं। ईरान या दुनिया के किसी भी देश के मामले में कूटनीति हमेशा उनका पहला विकल्प होता है और ईरान के लिए राष्ट्रपति ट्रंप और इस प्रशासन (अमेरिकी प्रशासन) के साथ समझौता करना बहुत समझदारी भरा कदम होगा।
सुश्री लेविट का यह बयान अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के हालिया टिप्पणियों के अनुरूप है, जिन्होंने एक न्यूज़ चैनल को बताया था कि अमेरिकी प्रशासन को कूटनीति के जरिये समस्या का समाधान बहुत पसंद है लेकिन अगर बातचीत विफल हो जाती है तो सैन्य कार्रवाई लेने का विकल्प भी उसके पास है। चूंकि कूटनीति का रास्ता खुला हुआ है, पर्यवेक्षक देख रहे हैं कि क्या ईरान ऐसी संधि को मानेगा जिससे प्रतिबंध कम हो सकें और संभावित संघर्ष टल सके, या क्या बढ़ती सैन्य उपस्थिति दोनों देशों को टकराव की ओर धकेल देगी।
