
नई दिल्ली। भारत और कंबोडिया ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को नई दिल्ली में अहम बैठक की। इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, विरासत संरक्षण तथा विकास साझेदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के पूर्वी मामलों के सचिव पी. कुमारन ने कंबोडियाई प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कंबोडिया के विदेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट खी सोवनरताना ने किया। बैठक में कंबोडिया के लिए भारत की क्षमता निर्माण पहलों की भी समीक्षा की गई। इसमें सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस में कंबोडियाई राजनयिकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण पर भी चर्चा हुई।
भारत और कंबोडिया के रिश्ते लंबे समय से सौहार्दपूर्ण रहे हैं। भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और आसियान के संदर्भ में कंबोडिया एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए कंबोडिया जैसे देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रक्षा सहयोग को बढ़ा रहा है।
भारत और कंबोडिया के संबंध केवल रणनीतिक और आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्तर पर भी मजबूत हैं। कंबोडिया में प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। यही कारण है कि विरासत संरक्षण दोनों देशों के सहयोग का एक प्रमुख स्तंभ बना हुआ है।
