
मैड्रिड। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के कारण उसे अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं से बाहर करने की मांग की है। उन्होंने अपनी सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक “बर्बरता” नहीं रुकती, तब तक न तो रूस और न ही इजरायल को किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में शामिल होने की अनुमति मिलनी चाहिए। सांचेज़ का यह बयान मैड्रिड में वुएल्टा साइकिल रेस के समापन समारोह में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए व्यवधान के ठीक एक दिन बाद आया है।
प्रदर्शनकारियों के प्रति सहानुभूति और बढ़ता तनाव
सांचेज़ ने कहा कि इजरायल को रूस की तरह ही अंतरराष्ट्रीय खेलों से बाहर किया जाना चाहिए, जिसे यूक्रेन पर आक्रमण के बाद प्रतिबंधित कर दिया गया था। उन्होंने प्रश्न उठाया, “खेल संगठनों को इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या इजरायल का अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना नैतिक है। जब यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस को बाहर रखा गया, तो क्या गाजा पर आक्रमण के बाद इजरायल को बाहर नहीं किया जाना चाहिए?” स्पेन सरकार ने पहले ही प्रदर्शनकारियों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी, जिन्होंने इजरायली टीम, इजरायल प्रीमियर टेक की भागीदारी का विरोध किया था।
इजरायल का कड़ा पलटवार
स्पेन के प्रधानमंत्री के इस आह्वान पर इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए सांचेज़ को “यहूदी विरोधी और झूठा” करार दिया। सार ने पूछा, “क्या 7 अक्टूबर को इजरायल ने गाजा पर आक्रमण किया था या फिर आतंकवादी राज्य हमास ने इजरायल पर आक्रमण किया था और यहूदियों का अब तक का सबसे भयानक नरसंहार किया था?”
गाजा में युद्ध और बढ़ती वैश्विक आलोचना
यह युद्ध तब शुरू हुआ जब 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले उग्रवादियों ने दक्षिणी इजरायल में घुसकर हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 251 अन्य का अपहरण कर लिया गया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के जवाबी हमले में 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इस हमले के कारण गाजा की अधिकांश आबादी विस्थापित हो गई है और वहां बड़े पैमाने पर तबाही और अकाल की स्थिति उत्पन्न हो गई है। युद्ध के दौरान भारी नागरिक हताहतों के कारण इजरायल की वैश्विक आलोचना में तेजी आई है। स्पेन उन यूरोपीय देशों में से एक है जो इस्राइल की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
यूरोप में विभाजित रुख
इजरायल के प्रति यूरोपीय देशों का रुख विभाजित है। कुछ यूरोपीय देश जैसे ब्रिटेन और फ्रांस फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की योजना बना रहे हैं, जबकि यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ने इजरायल के साथ व्यापार संबंधों को सीमित करने का आह्वान किया है। हालांकि, सीमित प्रतिबंधों या दंडों का अब तक कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है।
