
नई दिल्ली। झांसी के बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में अमोघ ज्वाला अभ्यास का बुधवार को समापन हो गया। दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित अभ्यास अमोघ ज्वाला के समापन का अवलोकन किया। इस अभ्यास में आधुनिक युद्ध के लिए नई परिचालन अवधारणाओं, बल संरचनाओं, प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का सत्यापन किया गया।
व्हाइट टाइगर डिवीजन द्वारा संचालित इस अभ्यास में बहु-क्षेत्रीय परिचालन वातावरण में आक्रमण हेलीकॉप्टरों, लड़ाकू विमानों, ड्रोनों, ड्रोन-रोधी प्रणालियों और उन्नत युद्धक्षेत्र प्रौद्योगिकियों के एकीकृत उपयोग के माध्यम से तीव्र गति वाले मशीनीकृत अभियानों का प्रदर्शन किया गया। गोलाबारी और युद्धाभ्यास, ड्रोन-आधारित वास्तविक समय निगरानी और लक्ष्य निर्धारण, सटीक आक्रमण, और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (ईडब्ल्यू), वायु रक्षा (एडी) और रात्रि युद्ध क्षमताओं का निर्बाध एकीकरण एक नेटवर्कयुक्त और भविष्य के लिए तैयार बल की बढ़ती युद्ध क्षमता को दर्शाता है।
मजबूत कमान और नियंत्रण वास्तुकला के तहत हमलावर हेलीकॉप्टरों, लड़ाकू विमानों, मानवरहित हवाई प्रणालियों, ड्रोन-रोधी प्रणालियों और नेटवर्क-सक्षम युद्धक्षेत्र प्लेटफार्मों के साथ मशीनीकृत बलों के एकीकृत उपयोग को प्रदर्शित किया गया।
