आथर्स गिल्ड का वार्षिक अधिवेशन पुरी में सफलतापूर्वक संपन्न

asiakhabar.com | November 22, 2025 | 5:18 pm IST

पुरी (ओडिशा) , भारत के लेखकों की प्रतिनिधि संस्था आथर्स गिल्ड आफ़ इंडिया का दो दिवसीय 49वां वार्षिक सम्मेलन पुरी के राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में साहित्य, समाज और संस्कृति के संदर्भ में अनुवाद विषय पर अनेक व्याख्यान, पुस्तक लोकार्पण और सम्मान आदि आयोजन संपन्न हुए। एक आभासी प्रेस वार्ता में यह जानकारी गिल्ड के महासचिव डॉ शिव शंकर अवस्थी और कार्यकारिणी सदस्य डॉ हरिसिंह पाल ने दी। उन्होंने बताया कि इस अधिवेशन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता आदर्श गिल्ड ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष प्रो मुकेश अग्रवाल ने की। साहित्य अकादमी से सम्मानित ओडिशा बाल साहित्यकार श्री बीरेंद्र मोहंती विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी के निदेशक प्रो प्रभात कुमार महापात्रा के सान्निध्य में समारोह का सफल संचालन आथर्स गिल्ड के महासचिव डॉ शिव शंकर अवस्थी ने किया। समारोह का शुभारम्भ वेद मंत्र, सरस्वती वंदना और ओड़िशी नृत्यांगना विश्व ज्योति के शास्त्रीय नृत्य से हुआ। स्वागत भाषण नेशनल बुक ट्रस्ट के पूर्व निदेशक श्री मानस रंजन महापात्र ने दिया। समारोह में गिल्ड के उपाध्यक्ष डॉ मुकेश अग्रवाल, कार्य समिति सदस्य डॉ हरिसिंह पाल, डॉ संदीप शर्मा सहित गिल्ड के नागपुर अध्याय के संयोजक श्री नरेंद्र परिहार, असम की श्रीमती कुंतला,केरल के एम वर्गीज, गोवा के श्री कृष्णा वालेचा, आगरा के डॉ युवराज सिंह, रायपुर के डॉ सुधीर शर्मा, जबलपुर की डॉ उषा दुबे आदि की उपस्थिति में देश भर से गिल्ड के लेखक-सदस्यों की सद्य प्रकाशित पुस्तकों और न्यूयॉर्क अमेरिका से प्रकाशित एवं डॉ हरिसिंह पाल द्वारा संपादित वैश्विक हिंदी पत्रिका सौरभ का लोकार्पण मंचस्थ अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया। लेखकों के अधिकार विषयक सत्र में श्री आर आर ओ के उपाध्यक्ष डॉ शिव शंकर अवस्थी और आथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की कार्य समिति के सदस्य डॉ हरिसिंह पाल ने विषय का प्रतिपादन किया। संचालन डॉ संदीप शर्मा ने किया।
अधिवेशन के अन्य सत्र – संस्कृति, साहित्य और अनुवाद, बहुभाषी समाज और अनुवाद तथा अनुवाद गतिशीलता आदि विषयों पर क्रमशः तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और ओडिशा के जाने-माने लेखकों ने अपने अपने शोध पत्रों का वाचन किया। इस अवसर पर नागपुर के श्री नरेन्द्र परिहार के कुशल संचालन में एक बहुभाषी काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय ओड़िया भाषा के साथ तमिल, मलयालम, कोंकणी, तेलुगू, अंग्रेजी और हिंदी भाषा में कवि कवयित्रियों ने उत्साहपूर्वक काव्य पाठ किया। सम्मेलन के प्रथम सत्र में ज्योति गजभिए,, शैलबाला महापात्र, अशोक अश्रु, डॉ मंजू लंगोटे,प्रभा मेहता, डॉ अपराजिता शर्मा, डॉ राजकुमार, डॉ नेहा कौशिक,डॉ कृष्णा वाल्के, अगले सत्र में केरल की बी रमादेवी , श्रीमती शशिकला , केरल के श्री सेमुएल , केरल की ही डॉ पूर्णिमा श्रीनिवासन, नागपुर के प्रकाश काशिव,दिल्ली की पुष्पा सिन्हा,गीता विजय कुमार, डॉ राजकुमार,नेहा कौशिक, जोधपुर के डॉ अशोक पंड्या, सुजाता दास, समापन सत्र में सुप्रसिद्ध अनुवादविद डॉ हरिसिंह पाल, केरल के डॉ जयप्रकाश शर्मा, असम की डॉ कुंतला, डॉ सुष्मिता मिश्रा आदि ने शोध पत्र वाचन किया।केरल चैप्टर के डॉ जयप्रकाश शर्मा ने प्रारंभ में वेद पाठ किया। इस सत्र की अध्यक्ष डॉ उषा दुबे ने सभी वक्ताओं के प्रति आभार प्रकट किया।आरंभ में महासचिव डॉ शिवशंकर अवस्थी ने कहा कि गिल्ड लेखक समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सतत कार्य कर रही है।समापन सत्र के मुख्य अतिथि उड़िया के वरिष्ठ साहित्यकार प्रो कैलाश चंद्र टिकायत ने कहा कि यहां की हिंदी में उड़िया का प्रभाव है। अनुवाद भी तपस्या ही है।समापन सत्र में राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ प्रभात कुमार महापात्र ने कहा कि हमारे लेखन में हमारी संस्कृति आनी चाहिए।इस अवसर पर दूरदर्शन के पूर्व उपमहानिदेशक श्री नायक का स्थानीय संयोजन के लिए सम्मान किया गया।सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। धन्यवाद ज्ञापन महासचिव डॉ शिवशंकर अवस्थी ने प्रस्तुत किया।


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