
जाखल (फतेहाबाद) / राष्ट्रीय डेस्क।जाखल स्थित रेलवे अंडरपास निर्माण में कथित अनियमितताओं का मामला अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने प्रधानमंत्री, रेलवे बोर्ड, विजिलेंस निदेशालय और केंद्रीय जांच एजेंसियों को विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर उच्च स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच की मांग की है।
काउंसिल ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने अंडरपास की सड़क सतह उद्घाटन से पहले ही उखड़ने लगी, निर्माण की परतें कमजोर दिखाई दे रही हैं तथा जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। क्षेत्र में लगातार जलभराव की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
जनसुरक्षा पर मंडराता खतराशिकायत में कहा गया है कि अंडरपास के भीतर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है, जिससे अंधेरा और जलभराव मिलकर दुर्घटनाओं की आशंका को बढ़ा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, प्रतिदिन सैकड़ों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में निर्माण गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
शर्मा ने कहा,“यह मामला केवल निर्माण खामी का नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और सार्वजनिक धन की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।”तकनीकी स्वीकृति व गुणवत्ता परीक्षण पर प्रश्नकाउंसिल ने टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति, गुणवत्ता परीक्षण, भुगतान और निरीक्षण अभिलेखों के विशेष लेखा परीक्षण की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि आवश्यक हो तो मामले की जांच भारतीय रेल के सतर्कता प्रकोष्ठ से कराई जाए तथा गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रकरण को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा जाए।उच्च स्तर तक पहुंची शिकायतशिकायत पत्र प्रधानमंत्री, रेलवे बोर्ड के सचिव, संबंधित मुख्य अभियंताओं, विजिलेंस विभाग, सीबीआई निदेशक, नॉर्दर्न रेलवे के महाप्रबंधक व डीआरएम, हरियाणा के मुख्यमंत्री तथा राज्यसभा सांसद तक प्रेषित किया गया है।काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और यदि कोई अधिकारी या एजेंसी दोषी पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई हो।तत्काल अंतरिम सुरक्षा उपायों की मांगइंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने जनहित में अंडरपास पर तत्काल अंतरिम सुरक्षा उपाय लागू करने, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और स्वतंत्र तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है।
अब निगाहें संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर उठे इस मुद्दे पर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
