
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों पर नाराजगी जताई। हालांकि बोलते समय उनके शब्द बीच-बीच में थोड़े उलझे, लेकिन उन्होंने अपना तेवर बनाए रखा। मुख्यमंत्री के प्रतिकार के बाद विपक्षी विधायक सदन में आसन के समक्ष आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “बेकार की बातें मत कीजिए। मैं आप सबकी बातें बैठकर सुनता रहता हूं। क्या यही तरीका है? आप लोगों की संख्या कितनी कम हो गई है। आपके साथ कितने लोग हैं? हम 202 हैं। आपके साथ कितने हैं? चुपचाप बैठ जाइए।” उनका आशय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के 202 विधायकों से था।
विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए और अपनी-अपनी सीटों से नारेबाजी करने लगे, जिस पर मुख्यमंत्री का धैर्य खत्म हो गया। उन्होंने कहा, “आप लोग जो कर रहे हैं वह ठीक नहीं है। क्या आपकी सरकार ने कभी कोई काम किया? आप लोगों ने कुछ नहीं किया। हमने सब कुछ किया। हमारी सरकार ने इतना काम किया, इतना अच्छा काम किया। पहले शाम के बाद कोई घर से निकलने की हिम्मत नहीं करता था।” इस बीच विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे।
प्रश्नकाल की शुरुआत में विपक्ष ने सोमवार को पटना में ‘चौकीदारों’ और ‘दफादारों’ (ग्राम प्रहरियों) पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया था। वे राज्य सरकार द्वारा उनकी भर्ती की उस मौजूदा पद्धति में बदलाव के फैसले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, जो ब्रिटिश काल से चली आ रही है और जिसके तहत यह नौकरी एक ही परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होती रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को इस मुद्दे पर बोलने को कहा। यादव ने कहा कि सरकार चौकीदारों और दफादारों की मांगों को सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हम उनके चार या पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने को तैयार हैं और उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे।” मंत्री के आश्वासन के बाद हंगामा शांत हुआ और प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हुई।
